सोमवार, 30 सितंबर 2013

तुम्हारी आँखों का पानी खारा है

समंदर का पानी खारा है
तुम्हारी आँखों का पानी भी खारा है
समंदर आँख नहीं है
पर आँख समंदर है
मुझे तैरना आता है
इसलिए मैं डूबता नहीं हूँ समंदर  में
पर तुम्हारी आँखों
डूब के मर जाना
एक अलौकिक प्रक्रिया है
क्यूंकि तुम्हारी आँखें
नहीं मानती है
भौतिकी के किसी सिद्धांत और नियम को
इसलिए मुझे हर बार डूबना होता है
तुम्हारी बिल्लियों जैसी आँखों में

अराहान 

Urban Legends

मेरे गितारों पे खून है
 कानों में डेथ मेटल का शोर है
 मेरे टी शर्ट पे मिडिल फिंगर है
 और चार सितारे है
 मैं असभ्य हूँ
 जंगली हूँ
 पर मेरे टीशर्ट के पीछे एक दिल भी है
 जहाँ एक खालीपन है
 थोड़ा धुआं और थोडा tar है
मेरे कमरे की दीवारों पर एक Graffiti है
मेरे बर्बाद हो जाने का डिजिटल आर्ट
मुझे लास्ट लीफ की जरुरत है
तुम्हे आम भी बनाने नहीं आता
मेरे पास आईना नहीं है
मेरे पास मुखौटा नहीं है
बस तुम्हारा चेहरा है
 और एक kaleidoscope है
 और सारी दुनिया का चिडचिडापन है
 मुझे झूमने का शौक था
 पर भटकने का नहीं, खोने का नहीं
 तुम्हारे हाथों में ता उम्र रहा मेरे ज़िन्दगी का joystick
मैं खोता रहा भटकता रहा
 तुम che guevera के चेहरे वाले टीशर्ट देकर मुझे आजाद बनाती रही
 और मुझे पता भी ना चला की कहाँ खो गया वो joystick
 कब मैं गुलाम बन गया अपनी ही लाचारी का
" You are a retard"
 कह के तुम गुम हो गयी
और मैं तुम्हे ढूंढता रहा हीर राँझा की कहानियों में
 मुहब्बत के झूठे urban legends में

 अराहान 

रविवार, 29 सितंबर 2013

बड़े ही हर्ष का विषय है दुनिया के लिए इश्क में किसी का क़त्ल हो जाना

घडी के सुइयों से घायल हो कर 
वक़्त को धमकी भरे ख़त भेजना 
चेहरे पर हंसी की स्टीकर चिपकाकर 
रुमाल के पीछे आंसू बहाना 
जेबों में भरके बेबसी का बारूद 
भरी महफ़िल में फट जाना 
कलम में तेजाब भर के 
आग लिख जाना 
बड़े ही हर्ष का विषय है दुनिया के लिए 
इश्क में किसी का क़त्ल हो जाना 

अराहान

लम्बी जुदाई सिर्फ गाना नहीं है

लड़के के मुताबीक
लम्बी जुदाई दर्दभरा अहसास है
सिर्फ गाना नहीं है
लम्बी जुदाई एक बिना मुहर लगा पासपोर्ट है
दूसरी दुनिया के उस देश का
जहाँ कोई खाप पंचायत नहीं है
कोई तालिबान नहीं है
लड़के को यकीन है
की एक दिन वो ढूंढ लेगा लड़की को
अपनी जिन्दगींनुमा फिल्म के आखिरी सीन में
क्या हुआ जो वो एक स्लमडॉग मिलियानायर नहीं है
लड़का इक्कीसवीं सदी का है
उसके पास अंतरजाल है
जिसके इस्तेमाल से वो पहुँच सकता है
अपनी प्रेमिका के पास
इसलिए वो भटकता है
अंतरजाल नामक ब्रह्माण्ड में
फेसबुक ट्विटर ऑरकुट जीमेल इत्यादि ग्रहों पर
ढूंढ चूका है वो
पर नहीं मिला है उसे लड़की का पता
लड़की के पास स्मार्टफोन नहीं है
कोई गैजेट नहीं है
लड़की के पास फेसबुक नहीं है
बस एक प्यारा सा मासूम चेहरा है
जिसपे लड़के ने कही थी हजारो किताब लिखने की बात
लड़की के पास एक कबूतर है
जिसे वो कबूतर जा जा कहके
छोड़ देती है आसमान में
इस ख्याल से की वो पहुंचा देगा लड़के के पास उसका सन्देश
पर ये इक्कीसवीं सदी है
और इक्कीसवी सदी ने इंकार कर दिया है
कबूतरों को डाकिया मान ने से
लड़की रोंती है
और गाती है लम्बी जुदाई वाला गाना
जिसको गाकर किया जा सकता है
चार दिन का इंतजार
लड़की फ़िल्में नहीं देखती
इसलिए उसे पता नहीं है आखिरी सीन के बारे में
Happy Ending के बारे में
उसे पता नहीं है की
चार दिन के जुदाई के बाद
आता है मिलन का दिन

अराहान

शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

पंख

उड़ना
उड़ना सभी चाहते हैं
की एक दिन पंख लग जाएँ
और उड़ जाएँ हम पंक्षियों की तरह
आसमान में
पर कोई कभी हिम्मत नहीं करता
की उठाये एक तेज चाक़ू
और अपने काँधे के दोनों तरफ
चीरा लगाकर
खिंच ले दो पंख
और फिर उड़ जाएँ
जहाँ जहाँ उड़ना है

अराहान

गुरुवार, 26 सितंबर 2013

मेरा दुःख

मेरा दुःख
किताबों पे पड़े धुल की तरह नहीं है
जो तुम
आशावाद के Vaccum Cleaner  से साफ़ कर दोगी
और ले आओगी मेरे चेहरे पर
सुखवाद की चमक

मेरा दुःख
मेरे माथे के पसीने की तरह नहीं  है
जो तुम अपने Pandorra's Box सरीखे Vanity Bag से
सहानुभूति का एक Tissue Paper निकाल कर पोछ दोगी

मेरा दुःख
Black Hole की तरह अथाह और स्याह है
जिसके तह तक जाने के लिए
तुम्हे भूलना होगा खुद को
गुमनाम होना होगा मेरे दुःख में

मेरा दुःख
तेज़ाब की तरह है
ख़त्म करने के लिए
जिसे पीना होगा तुमका
और जलना होगा

मेरा दुःख
समंदर की तरह गहरा है
जिसे समझने के लिए
तुम्हे डूबना होगा
इसी समंदर में

अराहान

मंगलवार, 24 सितंबर 2013

देखना तुम लौटोगी

तुम वक़्त नामक फ्लाईओवर पर चढ़ के 
मुझसे बहुत दूर निकल गयी हो
पर मैं अब तक बैठा हूँ इसी फ्लाईओवर के नीचे
सपनो के सिगरेट फूँकते 
पुराने दिनो की डायरियां पढ़ते 
तुम्हारा इन्तजार करते हुए 
ये सोचते हुए की कभी तो लाल होगा 
तुम्हारे रफ़्तार का ट्रैफिक सिग्नल 
कभी तो रुकोगी तुम 
सोचोगी मेरे बारे 
इसी वक़्त नामक फ्लाईओवर से झांकते हुए 
गुमनाम लोगो से मेरा पता पूछते हुए 
मुझे ढूंढते हुए

मेरे दिल से रिसता है मेरी बीती हुई ज़िन्दगी का अलकतरा 
जिसको जमीन पर ढाल कर तुम बना चुकी हो
यादों की एक पुरानी सड़क 
इस उम्मीद में 
की तुम जीत जाओगी ज़िन्दगी नाम का मैराथन
इस सड़क से गुजरते हुए 
पुराने दिनों की उन रेसों को भुलाते हुए 
जिनमे मैं जानबूझ के हारा करता था
तुम्हे जिताने के लिए

अपने डिग्रियों के फाइल के बीच से 
निकाल दोगी मेरे सारे ख़त 
और उनमे लिखकर अपना Bio Data 
बन जाओगी किसी कंपनी में कोई ऑफिसर, मेनेजर 
कोशिश करोगी की भूल जाऊं सब कुछ 
अपने आने वाले कल के लैपटॉप पर 
अपनी नयी ज़िन्दगी का ग्राफ बनाते हुए 
पर तुम याद रखना 
की जब भी तुम बिताओगी अपना वक़्त 
अकेलेपन के किसी पार्क में 
तुम्हे नजर आएगा 
मेरे मोहब्बत का एक घना सा पेड़ 
जिसकी छाँव में आकर 
ताजा हो जाएँगी तुम में 
मेरी पुरानी   बाते 
मेरी यादें 
मेरा चेहरा 
मेरे साथ बीता हुआ तुम्हारा हर एक पल
और दखना 
तुम उस दिन दौड़ी चली आओगी 
मुझे ढूंढते हुए 
वक़्त के इसी फ्लाईओवर पर 
जिसके निचे बैठ कर 
मैं कर रहा होऊंगा 
तुम्हारा इन्तेजार 
सपनो के सिगरेट फूंकते हुए
और पुराने दिनों की डायरियां पढ़ते हुए 

अराहान