गुरुवार, 3 अक्टूबर 2013

हमें अच्छा लगता है रोज थोड़ा जी जी के मरना

छत से सीधा कूदकर
मरा जा सकता है
या फिर 10 ml ज़हर पीकर
ख़त्म की जा सकती है सौ ग्राम ज़िन्दगी
पर हमें
रोज थोड़ा थोड़ा मरना पसंद है
रोज थोड़ा थोड़ा दफ़न होना पसंद
हमें अच्छा  लगता है
रोज थोड़ा जी जी के मरना

अराहान 

मंगलवार, 1 अक्टूबर 2013

हीर रांझा

वो जो अभी ट्रेन छुटी है
वो तुम्हारे शहर को जाने वाली आखिरी ट्रेन थी
और किसी ने रोका भी नहीं वो ट्रेन
शायद ट्रेन में बैठी थी वो माएं,
जो अपने बेटियों को देती हैं
प्रेम ना करने की हिदायत,
स्टार प्लस के सीरियल्स देखते हुए।
सिखाती है अपनी बेटियों को सिलाई बुनाइ कढाई
आचार बनाने के तरीके
और बताती है सोलह सोमवार के व्रत के बारे में

उस ट्रेन में बैठे थे सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले वो बाप
जिनके फिक्स्ड डिपोजिट अकाउंट में जमा होता है दहेज़ देने के लिए पैसा
और जिनके लिए दामाद का मतलब होता है सिर्फ डॉक्टर इंजिनियर और ऑफिसर
शायद इसलिए रुकी नहीं वो ट्रेन

कल तक तुम्हारे और मेरे शहर के बीच की दुरी किलोमीटर में थी
आज पता नहीं कैसे ये तब्दील हो गयी प्रकाशवर्ष में
कल तक तुम्हारे और मेरे शहर के बीच सिर्फ एक नदी थी
जिसके किनारों पर बैठकर हम दोनों गाते थे नदिया के पार फिल्म के गाने
पर ना जाने क्यूँ आज वो नदी बदल गयी है
इस ब्रह्माण्ड से भी बड़े समंदर की तरह
अब मैं समंदर की किनारे बैठकर सुन भी नहीं सकता तुम्हारे मूह से गाया हुआ
सात समंदर पार मैं तेरे पीछे पीछे आ गयी वाला गाना

दिवाली में जलाये जाते है दीये खुशियाँ मनाने के लिए
पर कभी कभी ये दिया घर भी जला देता है
दिवाली में जलाया जाता है अनार बम
धमाके के लिए नहीं
उसके इर्द गिर्द घूमकर खुशियाँ मनाने के लिए
पर कभी कभी ये हाथ में ही फट जाता है
और जला देता है
प्यार भी तो किया जाता है
खुश रहने के लिए ही ना
तो फिर क्यूँ तबाह हो जाती है
ज़िंदगिया प्यार में
अगर तुम्हे मुझसे इतना दूर ही होना था
तो फिर क्यों लिखा मेरे हाथ पे रांझा
और अपने हाथ पे हीर

हो गए ना हम दोनों भी जुदा
रांझा और हीर की तरह
अराहान

सोमवार, 30 सितंबर 2013

हैंगओवर

तुम्हे इमली खाना अच्छा लगता है
मुझे अंगूर खाना अच्छा लगा है
तुम्हारे पास इमली नहीं है
मेरे पास अंगूर नहीं है
तुम्हारे पास सिरके का एक बोतल है
मेरे पास शराब की एक बोतल है
मैं अपने बोतल से शराब पि लेता हूँ
तुम अपने बोतल का सिरका मुझे पिला देती हो
और फिर देर रात तक बिखर बिखर के टूटता है मेरा हैंगओवर
तुम्हारे आंसुओं से भींगते हुए
तुम्हारी बाहों में

अराहान 

तुम्हारी आँखों का पानी खारा है

समंदर का पानी खारा है
तुम्हारी आँखों का पानी भी खारा है
समंदर आँख नहीं है
पर आँख समंदर है
मुझे तैरना आता है
इसलिए मैं डूबता नहीं हूँ समंदर  में
पर तुम्हारी आँखों
डूब के मर जाना
एक अलौकिक प्रक्रिया है
क्यूंकि तुम्हारी आँखें
नहीं मानती है
भौतिकी के किसी सिद्धांत और नियम को
इसलिए मुझे हर बार डूबना होता है
तुम्हारी बिल्लियों जैसी आँखों में

अराहान 

Urban Legends

मेरे गितारों पे खून है
 कानों में डेथ मेटल का शोर है
 मेरे टी शर्ट पे मिडिल फिंगर है
 और चार सितारे है
 मैं असभ्य हूँ
 जंगली हूँ
 पर मेरे टीशर्ट के पीछे एक दिल भी है
 जहाँ एक खालीपन है
 थोड़ा धुआं और थोडा tar है
मेरे कमरे की दीवारों पर एक Graffiti है
मेरे बर्बाद हो जाने का डिजिटल आर्ट
मुझे लास्ट लीफ की जरुरत है
तुम्हे आम भी बनाने नहीं आता
मेरे पास आईना नहीं है
मेरे पास मुखौटा नहीं है
बस तुम्हारा चेहरा है
 और एक kaleidoscope है
 और सारी दुनिया का चिडचिडापन है
 मुझे झूमने का शौक था
 पर भटकने का नहीं, खोने का नहीं
 तुम्हारे हाथों में ता उम्र रहा मेरे ज़िन्दगी का joystick
मैं खोता रहा भटकता रहा
 तुम che guevera के चेहरे वाले टीशर्ट देकर मुझे आजाद बनाती रही
 और मुझे पता भी ना चला की कहाँ खो गया वो joystick
 कब मैं गुलाम बन गया अपनी ही लाचारी का
" You are a retard"
 कह के तुम गुम हो गयी
और मैं तुम्हे ढूंढता रहा हीर राँझा की कहानियों में
 मुहब्बत के झूठे urban legends में

 अराहान 

रविवार, 29 सितंबर 2013

बड़े ही हर्ष का विषय है दुनिया के लिए इश्क में किसी का क़त्ल हो जाना

घडी के सुइयों से घायल हो कर 
वक़्त को धमकी भरे ख़त भेजना 
चेहरे पर हंसी की स्टीकर चिपकाकर 
रुमाल के पीछे आंसू बहाना 
जेबों में भरके बेबसी का बारूद 
भरी महफ़िल में फट जाना 
कलम में तेजाब भर के 
आग लिख जाना 
बड़े ही हर्ष का विषय है दुनिया के लिए 
इश्क में किसी का क़त्ल हो जाना 

अराहान

लम्बी जुदाई सिर्फ गाना नहीं है

लड़के के मुताबीक
लम्बी जुदाई दर्दभरा अहसास है
सिर्फ गाना नहीं है
लम्बी जुदाई एक बिना मुहर लगा पासपोर्ट है
दूसरी दुनिया के उस देश का
जहाँ कोई खाप पंचायत नहीं है
कोई तालिबान नहीं है
लड़के को यकीन है
की एक दिन वो ढूंढ लेगा लड़की को
अपनी जिन्दगींनुमा फिल्म के आखिरी सीन में
क्या हुआ जो वो एक स्लमडॉग मिलियानायर नहीं है
लड़का इक्कीसवीं सदी का है
उसके पास अंतरजाल है
जिसके इस्तेमाल से वो पहुँच सकता है
अपनी प्रेमिका के पास
इसलिए वो भटकता है
अंतरजाल नामक ब्रह्माण्ड में
फेसबुक ट्विटर ऑरकुट जीमेल इत्यादि ग्रहों पर
ढूंढ चूका है वो
पर नहीं मिला है उसे लड़की का पता
लड़की के पास स्मार्टफोन नहीं है
कोई गैजेट नहीं है
लड़की के पास फेसबुक नहीं है
बस एक प्यारा सा मासूम चेहरा है
जिसपे लड़के ने कही थी हजारो किताब लिखने की बात
लड़की के पास एक कबूतर है
जिसे वो कबूतर जा जा कहके
छोड़ देती है आसमान में
इस ख्याल से की वो पहुंचा देगा लड़के के पास उसका सन्देश
पर ये इक्कीसवीं सदी है
और इक्कीसवी सदी ने इंकार कर दिया है
कबूतरों को डाकिया मान ने से
लड़की रोंती है
और गाती है लम्बी जुदाई वाला गाना
जिसको गाकर किया जा सकता है
चार दिन का इंतजार
लड़की फ़िल्में नहीं देखती
इसलिए उसे पता नहीं है आखिरी सीन के बारे में
Happy Ending के बारे में
उसे पता नहीं है की
चार दिन के जुदाई के बाद
आता है मिलन का दिन

अराहान