वो कहती है की वो बारिश देख के नोस्टालजिक हो जाती है
पर मुझे
याद आता है
मेरी जेब में पड़ा दस का एक तुड़ा मुड़ा सा नोट
जो की मेरे सपनो से भी ज्यादा तुड़ा मुड़ा और बेरंग था
पार्ले जी का वो ऐड
जिसे देखकर मुझे लगता था
की दस रुपये भी बहुत काम के होते हैं
मेरी मोटरसाइकिल के पंक्चर टायर
मेरी उम्मीदों के गुब्बारे की तरह पिचके हुए थे
मेरे कपड़ो पे कीचड़ के छींटे
जिनके दाग अब भी है दिल पे
मिटा न सका इनको किसी के भी प्यार का सर्फ एक्सेल
मुझे याद आता है की दाग अच्छे नहीं होते
मुझे तुम भी याद आती हो
मारुती सुजुकी में बैठी
बंद शीशे से झांकती
भीगी बारिश में सुखी सुखी से
मुझे देखती हुयी
की कैसे में भीग गया
सुखी सुखी इस बारिश में
वो कहती है की वो बारिश देख के नोस्टालजिक हो जाती है
क्यूंकि वो अब भी देखती है बारिश
बंद शीशे की खिड़की से
इसलिए उसे अच्छा लगता है नोस्तालजिक हो जाना
मुझे नफरत है बारिश से
नोस्टालजिक हो जाने से
क्यूंकि अब भी काबिज है मेरे दिल पे एक दाग
ये अलग बात है की साफ़ हो चुके हैं कपडे
अराहान
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