गुरुवार, 26 सितंबर 2013

मेरा दुःख

मेरा दुःख
किताबों पे पड़े धुल की तरह नहीं है
जो तुम
आशावाद के Vaccum Cleaner  से साफ़ कर दोगी
और ले आओगी मेरे चेहरे पर
सुखवाद की चमक

मेरा दुःख
मेरे माथे के पसीने की तरह नहीं  है
जो तुम अपने Pandorra's Box सरीखे Vanity Bag से
सहानुभूति का एक Tissue Paper निकाल कर पोछ दोगी

मेरा दुःख
Black Hole की तरह अथाह और स्याह है
जिसके तह तक जाने के लिए
तुम्हे भूलना होगा खुद को
गुमनाम होना होगा मेरे दुःख में

मेरा दुःख
तेज़ाब की तरह है
ख़त्म करने के लिए
जिसे पीना होगा तुमका
और जलना होगा

मेरा दुःख
समंदर की तरह गहरा है
जिसे समझने के लिए
तुम्हे डूबना होगा
इसी समंदर में

अराहान

मंगलवार, 24 सितंबर 2013

देखना तुम लौटोगी

तुम वक़्त नामक फ्लाईओवर पर चढ़ के 
मुझसे बहुत दूर निकल गयी हो
पर मैं अब तक बैठा हूँ इसी फ्लाईओवर के नीचे
सपनो के सिगरेट फूँकते 
पुराने दिनो की डायरियां पढ़ते 
तुम्हारा इन्तजार करते हुए 
ये सोचते हुए की कभी तो लाल होगा 
तुम्हारे रफ़्तार का ट्रैफिक सिग्नल 
कभी तो रुकोगी तुम 
सोचोगी मेरे बारे 
इसी वक़्त नामक फ्लाईओवर से झांकते हुए 
गुमनाम लोगो से मेरा पता पूछते हुए 
मुझे ढूंढते हुए

मेरे दिल से रिसता है मेरी बीती हुई ज़िन्दगी का अलकतरा 
जिसको जमीन पर ढाल कर तुम बना चुकी हो
यादों की एक पुरानी सड़क 
इस उम्मीद में 
की तुम जीत जाओगी ज़िन्दगी नाम का मैराथन
इस सड़क से गुजरते हुए 
पुराने दिनों की उन रेसों को भुलाते हुए 
जिनमे मैं जानबूझ के हारा करता था
तुम्हे जिताने के लिए

अपने डिग्रियों के फाइल के बीच से 
निकाल दोगी मेरे सारे ख़त 
और उनमे लिखकर अपना Bio Data 
बन जाओगी किसी कंपनी में कोई ऑफिसर, मेनेजर 
कोशिश करोगी की भूल जाऊं सब कुछ 
अपने आने वाले कल के लैपटॉप पर 
अपनी नयी ज़िन्दगी का ग्राफ बनाते हुए 
पर तुम याद रखना 
की जब भी तुम बिताओगी अपना वक़्त 
अकेलेपन के किसी पार्क में 
तुम्हे नजर आएगा 
मेरे मोहब्बत का एक घना सा पेड़ 
जिसकी छाँव में आकर 
ताजा हो जाएँगी तुम में 
मेरी पुरानी   बाते 
मेरी यादें 
मेरा चेहरा 
मेरे साथ बीता हुआ तुम्हारा हर एक पल
और दखना 
तुम उस दिन दौड़ी चली आओगी 
मुझे ढूंढते हुए 
वक़्त के इसी फ्लाईओवर पर 
जिसके निचे बैठ कर 
मैं कर रहा होऊंगा 
तुम्हारा इन्तेजार 
सपनो के सिगरेट फूंकते हुए
और पुराने दिनों की डायरियां पढ़ते हुए 

अराहान 

शनिवार, 21 सितंबर 2013

इंसान, इंसान नहीं होता एक अदद लाश का बीज होता है

इंसान
इंसान नहीं होता
एक अदद लाश का बीज होता है
जिसे बोते है कुछ पारखी किस्म के लोग
समय कुछ ख़ास मौकों पर
जब उन्हें लगता है की अच्छी  होनी चाहिए इस बार लाश की फसल
तब वो अपने अपने खेतों में फोड़ते हैं बम
करवाते हैं आतंकी हमले दंगे
और सींचते हैं बीजों को खून से
जिनसे जन्म लेते हैं तरह तरह के लाश
कुछ हिन्दू
कुछ मुसलमान
कुछ कुछ इजरायली
कुछ फिलिस्तीनी
कुछ गोरे
कुछ काले
कुछ शिया
कुछ सुन्नी
और फिर इन्ही लाशों से सेंकी जाती है
लाल रोटियाँ
सियासत की
जिहाद की
धरम की
मजहब की
और फिर एक दिन इन लाशों को फिर से दफ़न कर दिया जाता है
क्यूंकि दे चूका होता है एक  फल
ये लाश का बीज

अराहान

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

आशावाद निराशावाद और मुन्ना भाई एम.बी. बी.एस



विपत्ति जब आती है तब पूरे तामझाम के साथ और पूरे planning के साथ आती है. आज सुबह से ही आपका  दिन ठीक नहीं था. सुबह सुबह आपकी काम वाली ने आपको धमकी दी की अगर कल से आप अपने कमरे में रोज की तरह कचड़ा फैलायेंगे तो वो काम छोड़ देगी। आपके गाँव से फोन आता है की अगर आप इस साल भी पास नहीं हुए तो वापस गाँव लौट आयें, खेतों में काम करनेवालों की सख्त जरुरत है। आप अपने बाबूजी से बात कर के फोन रखे ही थे की आपकी प्रेमिका का मैसेज आता है "call me it's urgent ". आप झट से अपनी माशुका को फोन लगते हैं।  आज आपकी ये पूरानी माशूका भी आपके निठल्लेपन से परेशां हो कर आपसे प्ल्ल्ला  झाड  लेती है। "रमेश, मेरी शादी तय हो गयी है लड़का एक बड़े इंटरनेशनल कम्पनी में काम करता है, दिखने में भी अच्छा है, और……" आपके परेशानी का लेवल पेट्रोल के बढ़ते दाम की तरह बढ़ने लगता है और आप खीज में आकर अपनी एकलौती नोकिया 1100 को तोड़ डालते है भूतकाल में जिस से आपने ना जाने कितने ही रागिनियों, रेखाओं, प्रीतियों और श्रुतियों को पटाया था। आप हताश हो जाते हैं।  अम्बुजा सीमेंट से बना आपके सब्र का बाँध रेत के घरौंदे की तरह ढह जाता है।  आप चुप चाप हाथ पे हाथ धरे अपनी किस्मत को कोस ही रहे होते है की एफ. बी. आई के एजेंट की तरह जोर से दरवाजा खोलते हुए आपका प्रिय मित्र चला आता है।  ये आपका वही  प्रिय  मित्र होता है जिसे आप अपना मेंटर अपना गुरु समझते हैं और जिसके शरण में आकर अपने दारु, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू इत्यादि आध्यात्मिक औषधियों का सेवन करना शुरू किया था।

"भाई, गजब, हो गया, रिजल्ट निकल गया है और इस बार भी हमलोग फेल हो गए है, लेकिन इस बार तुमको पिछले बार की तुलना में 10  नुम्बर ज्यादा आया है, और ख़ुशी की बात ये है की अब एक साल और हमलोगों को इस कॉलेज में रहना है, इसी ख़ुशी के मौके पर मैं ये दो बोतल बीयर लाया हूँ, चल पीते हैं"

आप अपने परम मित्र के इस आग्रह को टाल  नहीं पाते हैं और हद से ज्यादा व्यथित होते हुए भी सुरापान करने से बाज नहीं आते हैं।  आपके हिसाब से तीन जाम हलक के नीचे उतरने के बाद सब दुःख उतर जाता है।  आप दोनों दोस्त जम के पीते हैं।  और अपनी अपनी प्रेमिकाओं को गालियाँ देते हैं। आपके दोस्त जाने के बाद और पूरी तरह से बीयर चढ़ जाने के बाद, और सुबह से लेकर अभी तक की घटनाओं का विश्लेषण करने के बाद आप इस नतीजे पे पहुँचते हैं की आपका जीना बेकार है, ये दुनिया बहुत बेदर्द है और इस दुनिया में जीना उतना आसान नहीं जितना आमतौर पर टीवी और फिल्मों में दिखाई देता है। असल जिंदगी में कोई Fair & Handsome लगाने से हीरो नहीं बन सकता या फिर मूह में रजनी गन्ध रख के कोई दुनिया नहीं जीत सकता, या फिर Axe का  deodorant  लगा के कोई  लडकिया को पीछे नहीं भगा सकता।  दुनिया बहुत मुश्किल है, एक जंग है, एक रेस है और इस दुनिया में हम जैसे लोगो के लिए कोई जगह नहीं है।  आप निराशावाद के कुएं बहुत अन्दर तक गिर चुके होते हैं और आपके पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आता है।  आप मन ही मन क्विट करने की ठान  लेते हैं, और सुसाईड करने के कारगर तरीको के बारे में सोचने लगते हैं, एकबारगी आपके मन में ख्याल आता है  की आप अपने प्रिय हीरो सनी देओल के बाबूजी के स्टाइल में मोहल्ले के वाटर टैंकर पर चढ़ कर अपनी प्रेमिका को जमके  गाली दे और उसके बाद उसी से कूद जाएँ पर आपके ऊँचाई  से डरने की वजह से आप  इस तरीके को नकार देते हैं । आप अपने बटुवे को अपने जेब में रखते हुए घर से बाहर निकल जाते  हैं . आप रोज की तरह आज छिप के पीछे वाली गली से नहीं निकले, क्यूंकि आज आपके अन्दर नुक्कड़ के चाय वाले से उधार मांगे जाने का डर नहीं रहता  है , आज आप मुक्त  थे स्वंतत्र  थे, किसी का डर  नहीं था इसलिए आप सीधे रस्ते से घर से निकले। और रोज की तरह सबको कल उधार चूका देने का वादा कर के आप सीधे उस दूकान में पहुंचे जहाँ रस्सी मिलती है।  आप अपने साइज़ की एक रस्सी लेकर दुबारा घर की तरफ लौट  ही रहे होते हैं की आपको रास्ते में मोहल्ले का वो हरामी कुता मिल जाता है जिसके   हरामीपन के किस्से दूर दूर तक फैले होते हैं और जिसके काट लेने से 14 सुइयां भी काम  नहीं आती थी. आपके हाथ में रस्सी, शकल पे बेरुखी और मूह से 5000 Hayward बियर के गंध सूंघते हुये और आपके हुलिए को डीपली एनालाइज करते हुए कुत्ते ने आपको चोर समझा और जोर जोर से भौंकने लगा।  आप कुत्ते के भौंकने से दर के तेज क़दमों से चलने लगे और कुत्ते ने भी situation को समझते हुए अपने पैरो का acceleration  तेज किया।  अब आप आगे थे और कुत्ता पीछे।  आपकी रफ़्तार तेज और  र्कुत्ते की भी रफ़्तार तेज और जिस point पर आपकी रफ़्तार कुत्ते की रफ़्तार से कम हुयी आप कुत्ते द्वारा काटे गए।  और उस हरामी कुत्ते ने भी ऐसी जगह काटा जिसके बारे में आप धड़ल्ले कसी को बता नहीं सकते। काटने के बाद कुत्ते ने अपना mission accomplished  समझा और  चलता बना. आप अपने पिछवाड़े पे जख्म और दिल पे उस से भी ज्यादा गहरा जख्म लेके नजदीकी clinic  की तरफ चल दिए. आपके ख़याल से मरने का ख्याल कुछ देर तक निकल चूका था. आप के पिछवाड़े से बहते हुए खून को देखकर आपको अपने जिंदगी का अहसास हुआ की ये कितनी कीमती है।  आप दौड़ते हुए clinic जाते हैं और वहां injection लेते है।  clinic के डॉक्टर को देख के आपको मुन्नाभाई एम् बी बी एस का संजय दत्त नजर आता है और आईने में अपनी शकल देखकर आपको उसी फिल्म का जिमी शेरगिल नजर आता है।  और धीरे धीरे आपको समझ में आता है की ये जिंदगी कितनी हसीं है और चाहे कुछ भी हो जाये quit करना last option नहीं है. इंसान को हर परिस्थिति से लड़ना और जूझना चाहिए। आप मन ही मन उस कुत्ते को और डॉक्टर को धन्यवाद देते हैं और घर लौट आते हैं. रास्ते में फिर आपका वही दोस्त मिलता है।
"क्या भाई, क्या हाल बना लिया है, फेल हो जाने का इतना दुःख, भाक साले, तुमसे ई उम्मीद नहीं था, अच्छा तुमको पता है वो तीन नंबर रोड वाली तान्या है ना तुझसे प्यार करती है, हम अभी जस्ट पता लगा के आये हैं, और ये देख इसी ख़ुशी में बीयर भी लायें हैं, …………"

समाप्त

गुरुवार, 19 सितंबर 2013

बहरूपिया

तुम्हारी बातों में तेज छुरी सी धार है
Painting: Farley del Rosario
तुम्हारे होठों से खून बहता है
तुम्हारे अन्दर एक बागी है
पर तुम्हारे छाती पे नहीं लिखा है
Beware: Rebel Inside
तुम धोखेबाज हो
बहरूपिये हो
तुम्हारे प्रेमिकाओं ने तुम्हे छोड़ दिया
तुम पहेली थे
और उन्हें पसंद थे गुलाबी टेडी बियर
तुम तेज नाखूनों वाले काले भालू बने
टेडी बियर ना बन सके
तुम बीते सालों के कैलेण्डर से दिन चुराकर
अपने गुल्लक में छिपाते थे
तुम चोर हो
बहरूपिये हो
तुम घडी के सुईयां रोक  कर
समय को रोकना चाहते हो
समय को धोखा देना चाहते हो
तुम नादान हो
बेवकूफ हो
बहरूपिये हो
तुम्हारी ट्रेन छूटी  थी
और तुमने बना लिया दुश्मन
उन सभी लोगो को जो ट्रेन में बैठे थे
जिन्हीने नहीं खिंचा ट्रेन को रोकने वाला चेन
तुम खामोश हो
बहरूपिये हो
तुमने अपने मोबाइल को रख के साइलेंट मोड में
भूल जाते हो अपने ही घर में
और परेशां हो कर ढूंढ़ते हो
की कब बजेगा
तुम्हारे मोबाइल से जादू तेरी नजर वाला रिंगटोन
और ढूंढ लोगे अपना मोबाइल
तुम मकड़ी हो
तुम्हे अच्छा लगता है अपने ही बनाये जाल में उलझना
तुम बहरूपिये हो
तुम लिखते हो कवितायेँ
अपने ख्यालों की कतरने काटकर
कच्ची शराब को स्याही बनाकर
और मारे जाते हो अपनी ही कविताओं के नशे से
अपने ही ख्यालों के विस्फोट से
तुम नाकामयाब हो
हर कामयाबी में
तुम उलझन हो
पहेली हो
बहरूपिये हो


अराहान


बुधवार, 18 सितंबर 2013

नन बायोडिग्रेडेबल

तुम इसे जला दो
दफना दो
फाड़ दो
या फिर पीस दो सिलबट्टे या ग्राइंडर में
ये ख़तम नहीं होगा
कायम रहेगा इसका वजूद
सदियों तक
बनकर रहेगा ये हिस्सा किसी सभ्यता का
आने वाले हजारों साल के बाद भी
मिलेंगे खुदाई में इसके अवशेष

मेरा प्यार इसी पॉलिथीन की तरह है
नन बायोडिग्रेडेबल

अराहान 

मुझे नफरत है बारिश से नोस्टालजिक हो जाने से

वो कहती है की वो बारिश देख के नोस्टालजिक हो जाती है 

पर मुझे 
याद आता है 
मेरी जेब में पड़ा दस का एक तुड़ा मुड़ा सा नोट
जो की मेरे सपनो से भी ज्यादा तुड़ा मुड़ा और बेरंग था 
पार्ले जी का वो ऐड
जिसे देखकर मुझे लगता था 
की दस रुपये भी बहुत काम के होते हैं 
मेरी मोटरसाइकिल के पंक्चर टायर 
मेरी उम्मीदों के गुब्बारे की तरह पिचके हुए थे 
मेरे कपड़ो पे कीचड़ के छींटे 
जिनके दाग अब भी है दिल पे
मिटा न सका इनको किसी के भी प्यार का सर्फ एक्सेल 
मुझे याद आता है की दाग अच्छे  नहीं होते  
मुझे तुम भी याद आती हो 
मारुती सुजुकी में बैठी 
बंद शीशे से झांकती 
भीगी बारिश में सुखी सुखी से 
मुझे देखती हुयी 
की कैसे में भीग गया 
सुखी सुखी इस बारिश में 

वो कहती है की वो बारिश देख के नोस्टालजिक हो जाती है
क्यूंकि वो अब भी देखती है बारिश 
बंद शीशे की खिड़की से 
इसलिए उसे अच्छा लगता है नोस्तालजिक हो जाना 

 मुझे नफरत है बारिश से 
नोस्टालजिक हो जाने से 
क्यूंकि अब भी काबिज है मेरे दिल पे एक दाग 
ये अलग बात है की साफ़ हो चुके हैं कपडे

अराहान