ज़िन्दगी तुझसे अच्छा नाता रहा
अपनी जिंदादिली तुझपे लुटाता रहा
कभी तुने रुलाया, कभी हंसाता रहा
मैं दर्द अपना सबसे छिपाता रहा
अब वक़्त आ गया है जाने का
ऊपर एक नया आशियाँ बसने का
तू देख लेना मुझे आसमां में बारिश के आने से पहले
तुझको मैं अपना अक्स देता हूँ जाने से पहले
ब्रजेश कुनार सिंह 'अराहान'
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