तन्हा, तन्हा हैं हम
तन्हा हैं ख्वाहिशें
मंजिल- मंजिल ढूंढते फिरे
पर मंजिल हैं 'ख्वाहिशें'
खुला, खुला एक आसमां है ऊपर \
पर पंख हैं 'ख्वाहिशें'
जिंदा- जिंदा, दिल है
पर ज़िन्दगी है 'ख्वाहिशें'
काली काली रात है
एक सवेरा है 'ख्वाहिशें'
इंसान- इंसान हर जगह
पर इंसानियत हैं 'ख्वाहिशें'
मंदिर- मस्जिद हर तरफ
पर इबादत है 'ख्वाहिशें'
ब्रजेश सिंह
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