क्लास के उस पिछली बेंच पर
तुम्हारा नाम लिख कर
तोडा करता था मैं अपनी कलम
और उमीदों के काफिलो से गुजारिश करता
की पास आके तुम कहोगी
"Take My Pen"
पर उम्मीदे भी मेरी कलम की तरह रोज टूटती रही
और मैं कभी कुछ ना लिख पाया
तुम्हारे नाम के सिवा
अराहान
तुम्हारा नाम लिख कर
तोडा करता था मैं अपनी कलम
और उमीदों के काफिलो से गुजारिश करता
की पास आके तुम कहोगी
"Take My Pen"
पर उम्मीदे भी मेरी कलम की तरह रोज टूटती रही
और मैं कभी कुछ ना लिख पाया
तुम्हारे नाम के सिवा
अराहान
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