धुप, धुप है
तितली नहीं
जो तुम उसे पकड़कर कैद कर लोगे अपने मुट्ठी
या फिर तोड़कर उनके पंखों को याद करोगे अपने बचपन को
धुप, धुप है
तुम्हारी प्रेमिका का पल्लू नहीं
जिसको ओढ़कर तुम डूबोगे रूमानी ख्यालों में
या फिर अपनी प्रेमिका को सुनाओगे कोई प्रेमकविता
धुप सिर्फ धुप है
ये सिर्फ जलना जानती है
चाहे धुप जाड़े की हो
या गर्मी की
तितली नहीं
जो तुम उसे पकड़कर कैद कर लोगे अपने मुट्ठी
या फिर तोड़कर उनके पंखों को याद करोगे अपने बचपन को
धुप, धुप है
तुम्हारी प्रेमिका का पल्लू नहीं
जिसको ओढ़कर तुम डूबोगे रूमानी ख्यालों में
या फिर अपनी प्रेमिका को सुनाओगे कोई प्रेमकविता
धुप सिर्फ धुप है
ये सिर्फ जलना जानती है
चाहे धुप जाड़े की हो
या गर्मी की
